कैसे टॉप करे बोर्ड एक्झाम में Be a Topper


कैसे टॉप करे बोर्ड एक्झाम में


1. लक्ष्य निश्चित करे: कोई भी काम निश्चित धेय के बगैर नही होता. आज ही निश्चित करे कि आपको कलेक्टर बनना है, डॉक्टर बनना है, या जो भी अपनी पसंद का करीयर चुनना है. 'मार्क्स के उपर निर्भर करता है' यह मानसिकता छोड दिजीए. मार्क्स तभी अच्छे आते है जब 'हम' दृढ निश्चय करते है.

2.स्वयम प्रेरणा: अपने आप को कुछ करके दिखाना है. माता पिता का नाम रोशन करना है. कुछ इतीहास रचाना है, यह मन मे ठान लीजिए. माता पिता बोल रहे है इसीलिये पढाई कर रहे है यह सोच गलत है. अपने अंदर कामयाबी पाने कि ज्वाला जगा दीजिए.

3.समय सारिणी: खुद कि पढाई का शेड्युल खुद बनाईये. उसे अमल मे लाईये. कठीन विषयोंको पहले निपटा लिजीए. आसान विषय बाद मे भी पढ सकते है.सम्पूर्ण चौबिस घंटे कि समय सारिणी तैयार कीजिए.

4. नकारात्मक मित्रोंसे बचे: कुछ विद्यार्थी नकासात्मक सोच के होते है. वो आपको भी अपने धेय से विचलित करा सकते है. उनसे सावधान रहिये. "बडे सपने मत देख, तुम्हे इतने मार्क्स नहीं आयेंगे" ऐसी दुष्प्रेरणा देने का वो काम करेंगे, उनसे बचिये.

5.नींद: 'सपना देखने के बाद जिसकी नींद उड जाती है वो ही कामयाब होता है'. सम्पूर्ण नींद हमारे मस्तिष्क के लिये अति आवश्यक है. अन्यथा परिक्षा के दरमियान आपका मस्तिष्क सुस्त रहेगा.और नतिजे गलत आयेंगे. 6 घण्टे कि सम्पूर्ण 'गहरी नींद' परम आवश्यक है. गहरी अवस्था मे ही आपकी याद शक्ति बढ जाती है. गहरी नींद के लिये प्राणायाम, योग एवम ध्यान करे.

6. आहार: कई बच्चोंको जब भी तनाव महसूस होता है तब उनका हाजमा बिगड जाता है. इसीलिये माता पिता ध्यान रखे कि बोर्ड इक्जाम पूर्ण होने तक घर मे सात्विक भोजन रहे. जिसमे तली हुयी चीजे, आचार, बर्गर, मांस ज्यादा चटख मसालेदार पदार्थ, जिससे एसीडिटी होती है ऐसे ना हो. पेट साफ रहना अच्छी याद शक्ति के लिये परम आवश्यक है. कुछ बच्चे नींद ज्यादा नही आये इसीलिये ज्यादा चाय या कोफी पीते है, जो गलत है. इसकी जगह पर थोडा गरम पानी पीजिए.

7. भावनाओपर नियंत्रण: अपना गुस्सा या मूड पर नियंत्रण रखे. बोर्ड इक्जाम कि वजह से परिक्षार्थी घर मे तानाशाह जैसा बर्ताव करके सबको झुकाने लगते है, ऐसा ना करे. माता पिता भाई बहन इनका उचित सम्मान करे. क्योंकि अगर अपेक्षाकृत परिणाम नही निकले तो यही लोग आपको सम्भालनेवाले है.

8.मोबाईल एवम टीवी से दूर: आजकल मोबाईल और टीवी मानो इंसान के जिंदगी का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है. लेकिन बोर्ड इक्जाम तक इन दोनो से हो सके उतना दूर रहना है. क्योंकि इन इलेक्ट्रोनिक गेजेट्स से निकलनेवाली किरणे हमारे मस्तिष्क के लिये बेहद खतरनाक होती है. जो हमारे सोचने कि शक्ति को बुरी तरिके से प्रभावित कर सकती है.

9. तनाव व्यवस्थापन: तनाव के अंदर ही कोई भी इंसान बेहतर परिणाम दे सकता है. लेकिन अतिरिक्त तनाव आपके जिंदगी को खत्म भी कर सकता है. कुछ बच्चे इतना तनाव लेते है, कि उनके मनमे आत्महत्या के विचार आते है, कुछ तो इसे अंजाम भी देते है. जब भी तनाव महसूस होगा तो किसी न किसी से बात कीजिए. मन मे गलत विचार आते है तो वो भी दुसरे को बता दीजिए. जिंदगी बहोत कीमती है, बोर्ड इक्जाम से भी ज्यादा...
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