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स्वयम सूचना; एक ताकत How to appear for board exam


स्वयम सूचना एक ताकत


परिक्षा के नियंत्रित महोल मे परिक्षार्थी का मानसिक संतुलन बिगडनेसे कम मार्क्स आते है. प्रश्न होता कुछ अलग है, समझा कुछ अलग जाता है और उत्तर कुछ अलगही लिखा जाता है. कभी कभी अतिरिक्त मानसिक दबाव के कारण 'हेल्युसिनेशंस' आते है. जिसके अंतर्गत चीजोंको मूल रूप से जानने के बजाय हम जो सोच रहे है उस नजरिये से हम देखने का प्रयास करते है. जबकी सच्चाई कुछ और ही होती है.

ऐसेमे परिक्षार्थी को सौ प्रतिशत यकीन होता है कि जो उसने लिखा है वो सही है, जबकी ऐसा नही होता.

क्योंकि बोर्ड, विद्यार्थी के ग्यान को नही परखता, यहा पर विद्यार्थी को 'बोर्ड के पेपर सेटर' के अनुसार उसी दायरे मे वही लिखना पडता है, जो उसके पाठ्यक्रम मे है. विद्यार्थी इस समय केवल परिक्षार्थी है, जो नंबरोंकी होड मे खो गया है. मन कि एकाग्रता को भंग करनेवाली एक अंदरुनी चीज है, वो है बहोत सारे विचार एक ही वक्त पर आना. जिसके कारण 'कनफ्युजन' पैदा हो जाता है. फिर सोचते सोचते वक्त निकल जाता है.

'कनफ्युजन' कि स्थिती मे उस प्रश्न को छोड दीजिए. आसान प्रश्नोंसे फटाफट शुरू कीजिए. फिर कठीन सवालोंकी तरफ जाये. कनफ्युजन वाले सवालोंके जवाब आखिर में लिखे. लेकिन किसी भी हाल मे लिखे जरूर. पेपर खाली नही छोडना है. क्योंकि कई बार आपने जो लिखा वो सही उत्तर हो सकता है.

ध्यान रहे, परिक्षा आपको फेल करने के लिये नही है, इसलिये अपने मनसे गुणोंको लेकर वृथा चिंता को निकालकर फेक दीजिए. अपने मन को निगेटिव सजेशंस नहीं दे. नकारात्मक सजेशंस हमेशा इंसान का आत्मविश्वास घटाते है. मै फेल हो जाऊ तो? मै अच्छे गुण नही ला सकी/सका तो? मेरे मम्मी पप्पा कि अपेक्षा पर खरा नही उतरा/उतरी तो? पेपर टफ़ आया तो? मुझे कुछ याद ही नही रहता, क्या करू? अचानक मै ब्लेन्क हो गयी/गया तो? इस प्रकार के विचार आपके याद रखने की क्षमता के उपर विपरीत असर डाल सकती है.

मन मे सकारात्मक विचार रखिये. अपने आप का हौसला बढाते रहे, मन मे ये विचार रखे, कि मुझे सब कुछ अच्छी तरह से सबकुछ याद है. मैं जीतकर दिखाउंगा/दिखाउंगी ही. मुझे आज अच्छा महसूस हो रहा है. मेरा मन आज बहोत प्रसन्न है. मैंने सब सही पढाई की है. आज का पेपर बहोत आसान होगा ही. ऐसे विचार मन मे रखे.

परीक्षा के बाद जो हुआ उस पेपर की चर्चा नही कीजिए. आनेवाले पेपर के बारे मे सोचिये. किसी ने भी पूछा कि पेपर कैसा था तो, ठीक था, जैसे तैसे था, देखते है ऐसे जवाब नही दीजिए. ऐसा कहिए, पेपर एकदम बढिया था., मैंने अपना पूरा योगदान दिया है. या यू कहीए 'बहोत बेहतरीन था.' यह सकारात्मक दृष्टिकोण आपके अंतर्मन को आने वाले पेपर के लिये और ज्यादा ऊर्जा देगा.

आपके मन को प्रसन्न रखने के लिये जरूर अपने ईष्ट देवी देवताओं को याद कीजिए. ऐसा करने से दोलायमान मन स्थिर हो जाता है. देवी देवताए हमारे लिये कुछ चमत्कार नही करते लेकिन उनके नामस्मरण से हमारा हौसला बढता है तो जरूर उनका ध्यान करे. ऑल द बेस्ट

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