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Importance of education.(Hindi blog)शिक्षा स्त्री और पुरुषोंदोनों के लिए समान रुप से आवश्यक है


Importance of education.


शिक्षा स्त्री और पुरुषोंदोनों के लिए समान रुप से आवश्यक है, क्योंकि दोनों ही मिलकर स्वस्थ्य और शिक्षित समाज का निर्माण करते हैं। यह उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक यंत्र होने के साथ ही देश के विकास और प्रगति में भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस तरह, उपयुक्त शिक्षा दोनों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है। वो केवल शिक्षित नेता ही होते हैं, जो एक राष्ट्र का निर्माण करके, इसे सफलता और प्रगति के रास्ते की ओर ले जाते हैं। शिक्षा जहाँ तक संभव होता है उस सीमा तक लोगों बेहतर और सज्जन बनाती है।


शिक्षा लोगों के मस्तिष्क को बड़े स्तर पर विकसित करती है और समाज में लोगों के बीच सभी भेदभावों को हटाने में मदद करती है। यह हमें अच्छा अध्ययन कर्ता बनने में मदद करती है और जीवन के हर पहलु को समझने के लिए सूझ-बूझ को विकसित करती है। यह सभी मानव अधिकारों, सामाजिक अधिकारों, देश के प्रति कर्तव्यों और दायित्वों को समझने में मदद करती है।


शिक्षा हर मनुष्य के लिए अत्यन्त अनिवार्य घटक है। बिना शिक्षा के मनुष्य को पशु की श्रेणी में रखा जाता है। शिक्षा की जब बात आती है तो आज भी ऐसे सैकड़ों उदाहरण मिल जाएंगे जिससे शिक्षा में असमानता मिल जाएगी। प्राचीन काल में नारी शिक्षा अथवा बालिका शिक्षा का विशेष प्रबंध था, लेकिन कुछ वर्ष पूर्व तक बालिका शिक्षा की स्थिति अत्यन्त सोचनीय थी।


बालिका शिक्षा का हमारे देश में अत्यन्त महत्व है। आज भी हमारे देश में लड़के और लड़कियों में भेदभाव किया जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों मे तो लड़कियों की स्थिति सोचनीय हो जाती है। ग्रामीण परिवेश में लोग शिक्षा के महत्व से परिचित नहीं हो पाते हैं। उनकी दृष्टि में पुरूषों को शिक्षा की जरूरत होती है क्योंकि वे नौकरी करने अथवा काम करने बाहर जाते हैं, जबकि लड़कियां तो घर में रहती हैं और शादी के बाद घर के काम-काज में ही उनका ज्यादातर समय बीत जाता है।


आज समय तेजी से बदल रहा है। पुरूषों के बराबर स्त्रियों की भी शिक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है। सरकार द्वारा ऐसे अनेक योजनाएँ चलाए जा रहे हैं जिससे बालिकाओं के निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है। लोगों में जागरूकता फैलाने का काम स्वयंसेवी संस्थाएं कर रही हैं। आम चुनावों में महिलाओं को आरक्षण दिया जा रहा है। इन सब ने आज ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोगों का रूझान पढ़ाई की ओर कर दिया है। आज की लड़कियां घर और बाहर दोनों को संभाल रही हैं। सरकार द्वारा बालिका कल्याण हेतु अनेक योजनाएँ चलाए जा रहे हैं।


अच्छी शिक्षा जीवन में बहुत से उद्देश्यों को प्रदान करती है जैसे; व्यक्तिगत उन्नति को बढ़ावा, सामाजिक स्तर में बढ़ावा, सामाजिक स्वास्थ में सुधार, आर्थिक प्रगति, राष्ट्र की सफलता, जीवन में लक्ष्यों को निर्धारित करना, हमें सामाजिक मुद्दों के बारे में जागरुक करना और पर्यावरणीय समस्याओं को सुलझाने के लिए हल प्रदान करना और अन्य सामाजिक मुद्दें आदि। दूरस्थ शिक्षा प्रणाली के प्रयोग के कारण, आजकल शिक्षा प्रणाली बहुत साधारण और आसान हो गयी है। आधुनिक शिक्षा प्रणाली,अशिक्षा और समानता के मुद्दें को विभिन्न जाति, धर्म के बीच से पूरी तरह से हटाने में सक्षम है।


इन सब का परिणाम है कि दो दशक पूर्व और आज के बालिकाओं की स्थिति की तुलना करें तो हमें क्रांतिकारी परिवर्तन दिखाई पड़ेंगे । आज का समाज तेजी से बदल रहा है। आज महिलाओं को पुरूषों के समकक्ष माना जा रहा है। बालिका शिक्षा से आज देश प्रगति की ओर बढ़ रहा है। बाल विवाह, दहेज प्रथा, महिला उत्पीड़न जैसी घटनाओं में कमी और जागरूकता आयी है। महिलाओं को समाज के अभिन्न अंग के रूप में पूरे विश्व में स्वीकार किया जाने लगा है। अतः हम पूरे विश्व में कहीं भी चले जाएंगे ऐसे परिवर्तन दिख जाएंगे ।


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